Saturday, January 17, 2026

निफ्टी की दुकान अपडेटेड विधि के लिये गूगल फायनेंस शीट कैसे बनातें हैं? How to make your own google finance sheet for nifty ki dukan updated method

साथियो नमस्कार,

      शेयर बाजार में सैकड़ों स्टॉक्स पर नजर रखना मुश्किल काम है। क्या हो अगर आपके पास एक ऐसी गूगल शीट हो जो न केवल आपके पसंदीदा Nifty 250 स्टॉक्स पर नजर रखे, बल्कि उनमें से केवल उन स्टॉक्स को फिल्टर करके अलग कर दे जो अभी "Bull Run" (तेजी) में हैं? और इतना ही नहीं, वह उन्हें उनकी कीमत (CMP) के अनुसार सस्ते से महंगे के क्रम में अपने आप जमा दे? तो कैसा मजा आयेगा?

     आज के इस पोस्ट में, मैं आपको बताऊंगा कि मैंने Google Sheets के कुछ एडवांस फॉर्मूलों का उपयोग करके यह सिस्टम कैसे बनाया।

      मेरे यूटयूब चैनल पर निफ्टी की दुकान अपडेटेड विधि नाम से 5 वीडियो की श्रखंला का पूरा कोर्स है। इस श्रखंला के चौथे वीडियो में मैने एक Automated गूगल फायनेंस शीट बनाना सीखाया है जो स्टाॅक्स को उनकी 50 डीएमए 100 डीएमए व 200 डीएमए के आधार पर खुद स्कैन करके सेलेक्ट कर देती है। इस कोर्स के सभी वीडियो फ्री में देख कर कोर्स कम्पलीट करने के लिये प्ले लिस्ट का लिंक निम्न हैः-

https://www.youtube.com/watch?v=GBU3bJgRMes&list=PL-X8WTMcEbY9PwIlpUbaMtp1JNNtdcWyM&pp=gAQB0gcJCbYEOCosWNinsAgC

इस स्ट्रेटेजी का नाम निफ्टी की दुकान है परन्तु हमने सिर्फ निफ्टी 50 के स्थान पर निफ्टी 250 के स्टाॅक्स का प्रयोग किया है। इसके पीछे मुख्य कारण ये हैं:

  1. विकास की उच्च संभावना (High Growth Potential): निफ्टी 50 में देश की सबसे बड़ी और स्थिर कंपनियां होती हैं (जैसे Reliance, TCS)। इनमें स्थिरता तो होती है, लेकिन इनकी विकास दर (Growth Rate) अक्सर धीमी होती है। वहीं, Top 250 की लिस्ट में Mid-Cap कंपनियां भी शामिल हो जाती हैं। मिड-कैप स्टॉक्स में लार्ज-कैप की तुलना में Target Hit की क्षमता अधिक तेजी से होती है।

  2. ट्रेडिंग के अधिक मौके (More Trading Opportunities): अगर हम केवल 50 शेयरों पर नजर रखें, तो हो सकता है कि किसी दिन बाज़ार शांत हो और हमें कोई भी शेयर "Bull Run" (खरीदारी के जोन) में न मिले। लेकिन 250 शेयरों के बड़े यूनिवर्स (Universe) में, हमेशा ऐसे कुछ स्टॉक्स जरूर होते हैं जो किसी न किसी सेक्टर में ब्रेकआउट (Breakout) दे रहे होते हैं। इससे आपके खाली हाथ बैठने की संभावना कम हो जाती है।

  3. बेहतर विविधीकरण (Better Sector Diversification): निफ्टी 50 में मुख्य रूप से बैंक, आईटी और रिलायंस जैसी कंपनियों का दबदबा है। लेकिन जब हम Top 250 में जाते हैं, तो हमें केमिकल, टेक्सटाइल, स्पेशलिटी मैन्युफैक्चरिंग, और शुगर जैसे कई 'Niche' सेक्टर्स की बेहतरीन कंपनियां भी मिल जाती हैं, जो निफ्टी 50 का हिस्सा नहीं हैं।

  4. मल्टीबैगर को जल्दी पकड़ना (Catching Winners Early): आज की निफ्टी 50 कंपनी कल की मिड-कैप ही थी। Top 250 पर नजर रखकर, हम उन भविष्य की दिग्गज कंपनियों को उनके विकास के शुरुआती चरण (Growth Phase) में ही पकड़ सकते हैं, जब वे निफ्टी 50 में शामिल होने की दौड़ में होती हैं।

  5. अस्थिरता का लाभ (Volatility Benefit): ट्रेडर्स के लिए थोड़ी अस्थिरता (Volatility) अच्छी होती है क्योंकि उसी से मुनाफा बनता है। 51वें नंबर से 250वें नंबर तक के स्टॉक्स में निफ्टी 50 की तुलना में बेहतर मूवमेंट (चाल) देखने को मिलती है, जो हमारे "DMA- DMA" और "Bull Run" वाली स्ट्रैटेजी के लिए एकदम सही है।

इस विधि की गूगल शीट में हमने दो शीट Top 250 Stocks and Final Sheet रखी है। शीट बनानें की पूरी विधि देखने के लिये कक्षा 4 का वीडियो देखना होगा जिसका लिंक निम्न हैः-

इस ब्लाॅग पोस्ट में शीट का लिंक और उसमें प्रयुक्त एडवांस फार्मूले दिये जायेगें ताकि जो अपनी खुद की शीट मोडीफाई करके बनाना चाहे तो इन फार्मूलों को काॅपी पेस्ट करके यूज कर सकेगा।

सबसे पहले, हमारे पास एक शीट है जिसका नाम हमने 'Top 250 Stocks' रखा है। इस शीट में:



  • Column A: स्टॉक का नाम:- Code NSE Site Se Copy Karane Video Me Sikhaye Hai

  • Column B: मौजूदा भाव (CMP):- Formula:- =GOOGLEFINANCE(A2,"price") Row 1 is headings row so Stock name start from A2 drag this formula in all 250 stocks

  • Column C: 50 DMA Formula:-=AVERAGE(QUERY(SORT(GOOGLEFINANCE(A2,"price",TODAY()-150,TODAY()),1,0),"select Col2 limit 50")) 

  • Column D: 100 DMA Formula:-=AVERAGE(QUERY(SORT(GOOGLEFINANCE(A2,"price",TODAY()-300,TODAY()),1,0),"select Col2 limit 50")) 

  • Column E: 200 DMA Formula:-=AVERAGE(QUERY(SORT(GOOGLEFINANCE(A2,"price",TODAY()-500,TODAY()),1,0),"select Col2 limit 50"))

  • Column F: ट्रेंड/जोन (जैसे "In Bull Run" या "In Bear Run") Formula 1- (For Without Stop Loss Tradres No need to alignment ) =IF(AND(B2>C2, B2>D2, B2>E2, G2>=0.01, G2<=10), "In Bull Run", IF(AND(B2<C2, B2<D2, B2<E2, G2>=-10, G2<=-0.01), "In Bear Run", "Unconfirmed")) Formula 2- For Reverse Trading or Stop loss tradres alignment is neccesary to avoid false triggers:- =IF(AND(B2>C2, C2>D2, D2>E2, G2>=0.01, G2<=10), "In Bull Run", IF(AND(B2<C2, C2<D2, D2<E2, G2>=-10, G2<=-0.01), "In Bear Run", "Unconfirmed"))

  • Column G: 200 DMA से अंतर (%):- Formula =((B2-E2)*100)/E2

स्टेप 2: स्मार्ट फिल्टर और सॉर्टिंग (The Master Formula) अब हमें एक नई शीट (Final List) बनानी है जहाँ हमें केवल "Bull Run" वाले स्टॉक्स चाहिए, और वो भी कीमत के अनुसार सॉर्ट किए हुए (सबसे सस्ता ऊपर)। इसके लिए हमें अलग-अलग कॉलम के लिए अलग फॉर्मूला लगाने की जरूरत नहीं है। हम SORT, FILTER और Array {} का उपयोग करके एक ही फॉर्मूले से Name, CMP और % Difference तीनों ला सकते हैं। 

 फॉर्मूला:  =SORT(FILTER({'Top 250 Stocks'!A:B, 'Top 250 Stocks'!G:G}, 'Top 250 Stocks'!F:F="In Bull Run"), 2, TRUE) 

यह फॉर्मूला कैसे काम करता है? {'Top 250 Stocks'!A:B, 'Top 250 Stocks'!G:G}: यह हिस्सा अलग-अलग जगह मौजूद कॉलम (Name, CMP और % Diff) को एक साथ जोड़ता है।
 FILTER: यह केवल उन स्टॉक्स को चुनता है जो "In Bull Run" में हैं।
 SORT(..., 2, TRUE): यह पूरे डेटा को दूसरे कॉलम (CMP) के आधार पर कम से ज्यादा (Low to High) के क्रम में जमा देता है।

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